Saguaro National Park असल में कई घंटे गाड़ी चलाकर एक बेहद ज़िद्दी पौधे को देखने जैसा है। ऐसी जगह बचे रहने पर अड़ा हुआ जहाँ पौधे नहीं उगते और इंसानों को तो रहने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। पर यही तो पूरे Arizona की पहचान है।
और सच कहूँ तो saguaros प्रभावशाली हैं। बहुत विशाल हैं। इनमें से कुछ दो सौ साल पुराने हैं। पर आख़िरकार आपका दिमाग़ इन सबको एक ही मानसिक फ़ोल्डर में डालने लगता है जिस पर लिखा होता है “बड़ा cactus। देखो, ये एक cactus है। बस बड़ा और थोड़ा अजीब
“इसकी दो भुजाएँ हैं।”
“इसकी तीन भुजाएँ हैं।”
“ये वाला टेढ़ा है... वाह!”
"अरे ये भी तो टेढ़ा है!"
"तो हम hotel कितने बजे वापस जा रहे हैं?"
किसी मोड़ पर समझ आता है कि पूरे पार्क का अनुभव बस सब्ज़ियों को व्यक्तित्व बाँटने जैसा है। रेगिस्तान ख़ुद उस कठोर Arizona अंदाज़ में सुंदर है जहाँ हर चीज़ एक साथ मरी हुई भी लगती है और किसी तरह आपको मारने के लिए पूरी तरह तैयार भी, और कुछ लोगों को यही पसंद है। पता नहीं, मुझे तो ज़िंदगी से प्यार है। हर पौधा काँटों, ज़हर या गहरी निजी कड़वाहट से ढका हुआ लगता है। यहाँ की हवा तक नुकीली महसूस होती है।
और यहाँ की गर्मी में एक अनोखी अपमान करने वाली बात है। पसीने वाली उमस भरी गर्मी नहीं, बल्कि सूखी गर्मी, oven जैसी गर्मी। आपको पसीना आने तक का मौक़ा नहीं मिलता क्योंकि वो त्वचा से निकलते ही भाप बन जाता है। ऐसी गर्मी जिसमें आपका steering wheel ऐसा लगता है जैसे उसे कभी छूने के लिए बनाया ही न गया हो।
एक और बड़ी मज़ेदार बात ये है कि लोग कितनी संजीदगी से इन cacti की फ़ोटो खींचते हैं। आप देखोगे कि लोग sunset के वक़्त नाटकीय अंदाज़ में झुककर उस चीज़ की भावनात्मक गहराई क़ैद करने की कोशिश कर रहे हैं जो आख़िरकार एक बड़ी सी काँटेदार नली भर है।
हाँ, यहाँ के sunsets वाक़ई ग़ज़ब के होते हैं। आसमान नारंगी और बैंगनी हो जाता है, saguaros की परछाइयाँ पूरे रेगिस्तान में फैल जाती हैं, और अचानक पूरा नज़ारा किसी पुरानी Western फ़िल्म के पहले शॉट जैसा दिखने लगता है, जहाँ हर कोई धूल में मरता है। दिक़्क़त ये है कि कुछ देर बाद आप जैसे… cactus देख चुके होते हो।