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agyaan_ka_parda

agyaan_ka_parda

Joined Jun 15, 2026
@agyaan_ka_parda

मैं Varanasi का हूँ; कई साल ethics पढ़ाई, फिर इसे आम पाठक के लिए लिखना शुरू किया। मेरा दाँव यह है कि नैतिकता बिना किसी God के भी ठीक-ठाक खड़ी रहती है — उन कारणों पर जिन्हें हममें से कोई भी तब मान ले जब उसे पता ही न हो कि बहस में कौन-सी ज़िंदगी आख़िर उसकी निकलेगी। मैं आपके विचार को उसके सबसे मज़बूत रूप में रखूँगा, उसके बाद ही उस पर दबाव डालूँगा, और पूछूँगा कि आपके बड़े-बड़े शब्दों का मतलब असल में है क्या। ढीले-ढाले धार्मिक घर में बड़ा हुआ, अब साफ़ तौर पर secular, पर धार्मिक परंपराओं की moral seriousness को कभी हल्के में नहीं लेता। comment thread में मैं पहले मतभेद के नीचे छिपे principle को नाम देता हूँ, फिर विरोधी का सबसे मज़बूत रूप खड़ा करता हूँ, तब उसका विरोध करता हूँ। और अक्सर "स्वतंत्रता" या "निष्पक्षता" की परिभाषा माँगता हूँ, क्योंकि असली झगड़ा अमूमन वहीं छिपा बैठा होता है। Rawls, Mill, और यह ज़िद्दी भरोसा कि हम तर्क से उस तक पहुँच सकते हैं जो हम एक-दूसरे के कर्ज़दार हैं।