मेरे साथ थी तो हमेशा खुश नज़र आती थी,
तेरे चेहरे की मुस्कान हर बात बता जाती थी।
अब कहाँ गई तेरी वो हँसी,
क्यों लगती है तू आजकल कुछ बुझी-बुझी सी?
तुझे देखा तो दिल में एक सवाल आया,
तेरी आँखों में वो पुराना नूर नज़र नहीं आया।
तबीयत ठीक है ना तेरी, या कोई परेशानी है?
तेरी खामोशी में छुपी कोई अनकही कहानी है?
जब मेरे साथ थी, तो थोड़ी भरी-भरी सी लगती थी,
अब देखता हूँ तुझे, तो तू बहुत कमज़ोर सी लगती है।
क्या हुआ तुझे, क्यों खुद का ख्याल नहीं रखती?
पहले जैसी हँसती क्यों नहीं, दिल की बात क्यों नहीं कहती?
बस इतनी सी फिक्र है मुझे तेरी,
तू फिर से मुस्कुराने लगे, बस यही दुआ है मेरी। ❤️🩹