उसने कहा था,
“मैं तुमसे इतना प्यार करती हूँ
कि तुम्हारे लिए सबको छोड़ दूँगी…”
और वो लड़का भी कहाँ पीछे हटा था,
पहली बार अपने माँ-बाप से लड़कर बोला था,
“मुझे चाहिए तो बस वही चाहिए…”
उसे क्या पता था,
जिस लड़की के लिए वो
अपने घरवालों से लड़ रहा है,
वही लड़की एक दिन
अपने माँ-बाप की आँखों में देखकर
उससे कह देगी…
“माफ़ करना,
मैं तुम्हें बहुत चाहती हूँ,
पर अपने माँ-बाप को नहीं हरा सकती।”
शायद मोहब्बत दोनों तरफ़ से थी,
बस फर्क इतना था…
वो उसके लिए माँ-बाप से लड़ गया,
और वो माँ-बाप के लिए उससे हार गई।