- कई पहलू -
सबकी नजरें अलग
देखने वाली आँखे अलग
रंग अलग,आकर अलग,नीयत अलग
दिखने वाली चीज एक
सुन्दर मे भी खोट हैं और आम आँखो में भी आदर।
सबकी जिंदगी अलग
रास्ते अलग, परिश्रम अलग, तजुर्बे अलग
मंजिल तक पहुँचने का समय अलग
पर मंज़िल एक
कोई फूलों की नर्म सीडी से कम समय में जाये या पत्थर, काँटो के दुखते रास्ते को तय कर लंबे समय में जाने एक ही जगह है ।
सारे जीव अलग
सूरत अलग, सीरत अलग, नीयत अलग,
रंग अलग, रूप अलग, भाव अलग
बनाने वाला एक ।।
एक से शुरू होके एक पर ही अंत है अनंत...
निकेत। डागर ---