आज का दिन भी गुजर जाएगा तेरे बिना,
जैसे बाकी दिन गुज़रे हैं तुझे याद करके।
अजीब रिश्ता था हमारा भी,
तू मेरा होकर भी कभी मेरा हुआ नहीं,
और मैं तेरा होकर भी तुझसे कुछ कह न सका।
ना प्यार पूरा मिला, ना इज़्ज़त, ना वो अपनापन,
फिर भी दिल ने तुझे कभी बुरा नहीं कहा।
शायद मोहब्बत इसी को कहते हैं,
जिसने सबसे ज़्यादा दुख दिया,
दिल आज भी उसी के लिए दुआ करता है।
तू मेरा होकर भी मेरा नहीं... 🖤