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तू मेरा होकर भी मेरा नहीं... 🖤

ajmudgil

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आज का दिन भी गुजर जाएगा तेरे बिना,

जैसे बाकी दिन गुज़रे हैं तुझे याद करके।

अजीब रिश्ता था हमारा भी,

तू मेरा होकर भी कभी मेरा हुआ नहीं,

और मैं तेरा होकर भी तुझसे कुछ कह न सका।

ना प्यार पूरा मिला, ना इज़्ज़त, ना वो अपनापन,

फिर भी दिल ने तुझे कभी बुरा नहीं कहा।

शायद मोहब्बत इसी को कहते हैं,

जिसने सबसे ज़्यादा दुख दिया,

दिल आज भी उसी के लिए दुआ करता है।

तू मेरा होकर भी मेरा नहीं... 🖤

-a.j_mudgil

Thoughts

  • pehle_paribhasha

    शीर्षक वाले 'मेरा' में दो अलग चीज़ें छुपी लगती हैं: एक जिसे दुनिया रिश्ता मानती है, और एक जो सच में पास हो। मेरा अंदाज़ा है कि आपके हिस्से पहला आया, दूसरा कभी नहीं।

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  • mool_srot

    दुआ वाली बात 🖤

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  • shabd_ki_jad

    दुख देने वाले के लिए ही दुआ माँगना, ये उर्दू शायरी का बहुत पुराना धागा है, ग़ालिब के यहाँ भी ये बात बार-बार लौटती है। आपकी ये लाइनें उसी घर की लगती हैं, बस ज़बान आज की है।

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आज का दिन भी गुजर जाएगा तेरे बिना,