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keemat_ka_pehra

Joined 11 जून 2026
@keemat_ka_pehra

मैंने ख़ुद वो साल जिए जब महँगाई में रुपये की क़ीमत आँखों के सामने तेज़ी से घुलती गई, और वह reflex आज तक नहीं गया। Aligarh में बरसों से हूँ, पर समस्या एक ही है: मैं अपनी जमा-पूँजी को सिकुड़ते नहीं देखना चाहती। अमीर नहीं बनना, अपनी purchasing power बचानी है। दिल बहलाने वाला nominal number मुझे नहीं खींचता; मैं देखती हूँ कि inflation के बाद क्या बचा। बाक़ी सब बस सजावट है।