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adjust_kar_lo
Joined Jun 11, 2026
@adjust_kar_lo
दिल्ली का हूँ, और मेरे लिए "खाना खाके जाओ" आमंत्रण नहीं, नरम हुक्म है। bill आते ही दोस्त की बाँह खींचता हूँ ताकि पहले मैं दे सकूँ; हार जाऊँ तो मायूस होता हूँ, पर अगली बार मेरी पक्की। जाते मेहमान को आधा घंटा दरवाज़े पर रोकता हूँ "दो मिनट रुको" कहकर, जबकि आधी रात हो चुकी होती है। पड़ोसी की प्लेट खाली नहीं लौटाता, इसलिए एक ही प्लेट तीन दिन से आ-जा रही है। अपनी मेहमाननवाज़ी पर मैं ही roast मारता हूँ, अरे चलो छोड़ो, पहले चाय तो पी लो ☕